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Wabasta Shantanu Sharma
Wabasta
Shantanu Sharma
"वाबसà¥à¤¤à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ है जो वकà¥à¤¤ और हालात के फ़ासलों को à¤à¥à¤²à¤¾à¤•र उमà¥à¤°à¤à¤°, और शायद उसके बाद à¤à¥€ सिलसिले कायम रखता है। à¤à¤¸à¥‡ ही चनà¥à¤¦ जज़à¥à¤¬à¤¾à¤¤à¥‹ को शायरी की जà¥à¤¬à¤¾à¤‚ में दरà¥à¤œ करने की कोशिश है "वाबसà¥à¤¤à¤¾"।
तेरी याद आई और आती चली गयी
शबे-तनà¥à¤¹à¤¾à¤ˆ को हसीं बनाती चली गयी
तू करीब था तो हर खà¥à¤¶à¥€ पे इख़à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤° था
फिर हर खà¥à¤¶à¥€ दूर से मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¤à¥€ चली गयी
तà¥à¤® मेरी मोहबà¥à¤¬à¤¤ को à¤à¥€ महफूज़ ना रख सके
मैंने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ दिये ज़खà¥à¤®à¥‹à¤‚ की à¤à¥€ परवरिश की है
चिराग-à¤-दिल ने अजब सी ख़à¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¶à¥‡à¤‚ सजा रखी हैं
और ज़माने ने हक़ीक़त की आंधियां चला रखीं हैं
हो सके जो मà¥à¤®à¤•िन तो रोशनी को चले आना
हमने उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ की हथेली से लौ बचा रखी है"
| Medios de comunicación | Libros Paperback Book (Libro con tapa blanda y lomo encolado) |
| Publicado | 5 de septiembre de 2019 |
| ISBN13 | 9781646507870 |
| Editores | Notion Press |
| Páginas | 156 |
| Dimensiones | 127 × 203 × 9 mm · 176 g |
| Lengua | Hindi |